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नाविकों एवं  नाव  मालिकों  के प्रशिक्षण हेतु मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण कार्यक्रम


विगत वर्षों में हुई विभिन्न नौका दुर्घटनाओं में अलग-अलग स्थानों पर बहुत अधिक संख्या में लोगों की मृत्यु हुई है। इन घटनाओं को  ध्यान में रखते हुए माननीय मुख्यमंत्री बिहार द्वारा दिनांक 30 जून 2017 को बाढ़ एवं अल्प वर्षापात की स्थिति में की जाने वाली तैयारियों के सम्बन्ध में आयोजित बैठक में नाविकों एवं नाव मालिकों के प्रशिक्षण के सम्बन्ध में निम्नलिखित आदेश दिए गए :- 


   “नाविकों एवं मालिकों के  प्रशिक्षण/उन्मुखीकरण हेतु बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मास्टर ट्रेनर्स तैयार करें। नदी घाटों पर नावों के निबंधन शिविरों के दौरान ही नाविकों एवं नाव मालिकों को प्रशिक्षित  किया जा सकता है। प्रशिक्षण के दौरान नाविकों एवं नाव मालिकों को नाव दुघर्टनाओं के रोकथाम के उपायों के साथ.साथ सुरक्षित नाव परिचालन के नियमों के अनुपालन नहीं किये जाने की स्थिति में उनके विरुद्ध की जाने वाली क़ानूनी कारवाई/प्रावधानों  की भी जानकारी दी जानी चाहिए ।”

 

    उपरोक्त्त के आलोक में बिहार राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण सुरक्षित नौका संचालन हेतु नाविकों एवं नाव मालिकों की क्षमता वर्धन एवं जन-जागरूकता हेतु 29 बाढ़ प्रवण जिलों के नाविकों एवं  नाव मालिकों के प्रशिक्षण हेतु 8 समूह में  मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है।


  सुरक्षित नौका परिचालन हेतु नाविकों एवं  नाव  मालिकों  के प्रशिक्षण मोड्यूल |



   प्राधिकरण द्वारा सुरक्षित नौका परिचालन हेतु प्रशिक्षण प्राप्त मास्टर ट्रेनर्स की जिलावर सूची :-   


अभियंताओं/वास्तुविदों/संवेदकों/राजमिस्त्रियों के लिए, भूकम्परोधी निर्माण एवं रेट्रोफिटिंग तकनीक से संबंधित प्रशिक्षण


       बिहार राज्य में भूकम्प का जोखिम और इसके प्रति अधिक संवेदनशीलता, इस बात से स्पष्ट होती है की राज्य के नेपाल से सटे आठ जिलें भूकम्प की दृष्टि से भूकम्प जोन 5 में आते हैं जो कि सर्वाधिक संवेदनशील है। 24 जिलें भूकम्प जोन 4 के अंतर्गत आते हैं एवं शेष 6 जिलें भूकम्प जोन 3 में आते हैं इस प्रकार लगभग पूरा बिहार संवेदनशील भूकम्पीय क्षेत्र में आता है। यह सर्वविदित है कि भूकम्प के कारण लोगों की मृत्यु नहीं होती परन्तु भूकम्प के कारण संरचनाओं के गिरने से लोगो कि मृत्यु एवं जान-माल की क्षति होती है। इस संदर्भ में, आपदा प्रबंधन के बदले परिदृश्य में भूकंपरोधी भवनों का निर्माण एवं पूर्व में निर्मित मकानों का रेट्रोफिटिंग कर उन्हें भूकंपरोधी बनाया जाना एक सकारात्मक पहल है जिसके लिए यह आवश्यक हो जाता है कि निर्माण कार्य में संलंग्न सभी साझेदारों का क्षमतावर्धन किया जाय एवं संवेदको तथा आमजन को भूकंपरोधी भवनों के निर्माण के संर्दभ मे जागरूक किया जाए।

      राज्य सरकार ने बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के माध्यम से, बिहार राज्य में, अभियंताओं/वास्तुविदों/संवेदकों/राजमिस्त्रियों के लिए, भूकम्परोधी निर्माण एवं रेट्रोफिटिंग तकनीक से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान करने का निर्णय लिया है।

प्राधिकरण द्वारा  अभियंताओं/वास्तुविदों/संवेदकों/राजमिस्त्रियों के लिए, भूकम्परोधी निर्माण एवं रेट्रोफिटिंग तकनीक पर प्रशिक्षित  सूची :-


‘आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन’ पर मुखिया, सरपंच एवं अन्य पंचायत प्रतिनिधियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम

बिहार आपदा जोखिम न्यूनीकरण रोडमैप में “सुरक्षित गाँव” के घटक के अंतर्गत पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख किया गया है और ग्राम स्तर आपदा प्रबंधन योजना बनाने और उसके क्रियान्वयन में पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका है । आपदा की प्रकृति स्थानीय होती है और इसके रिस्पांस हेतु समुदाय की सहभागिता अत्यन्त महत्वपूर्ण है। पंचायत प्रतिनिधि स्थानीय समुदाय के द्वारा ही निर्वाचित होते हैं और उनका स्थानीय समुदाय पर सीधा प्रभाव होता है। पंचायत प्रतिनिधियों की आपदा प्रबंधन के क्षे़त्र में जागरूकता एवं क्षमतावृद्धि से स्थानीय समुदाय पर इसका सीधा प्रभाव पड़ेगा, जिससे आपदा रिस्पांस (बचाव एव राहत) के कार्य प्रभावी तरीके से संपादित किये जा सकेगें। आपदा से प्रभावित होने वाले समुदाय की नाजुकता (vulnerability) के विश्लेषण के लिए ग्राम सभा एवं पंचायत प्रतिनिधियों का जागरूक होना आवश्यक है। आपदाओं के प्रति पंचायत प्रतिनिधियों के जागरूक होने से स्थानीय समुदाय अपने स्थानीय प्रकृति के आपदाओं के विश्लेषण और उसके न्यूनीकरण, बचाव एवं रिस्पांस की योजनाऐं सटीक रूप से तैयार कर सकती हैं।
इन जिम्मेवारियों के निर्वहन में पंचायतों का प्रशिक्षित होना नितांत आवश्यक है जिनके माध्यम से राज्य के प्रत्येक दूर दराज के गावों तक पहुंचा जा सकता है और आपदा प्रबंधन की संस्कृति जन-जन तक विखेरी जा सकती है। उपरोक्त्त के आलोक में बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण राज्य के 38 जिलों में सरपंच, मुखिया एवं अन्य पंचायत प्रतिनिधियों के “आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन” विषय पर राज्य स्तर पर मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण आयोजन कर रहा है I साथ ही, यह मास्टर ट्रेनर्स प्रखण्ड स्तर पर अपने जिले के अन्य सरपंच, मुखिया एवं पंचायत प्रतिनिधियों को आपदा न्योनीकरण पर प्रशिक्षण प्रदान करेंगे ।